पोड़ी विकास खंड मे स्थित विजय वेस्ट खोयला खदान मे बड़ा हादसा : NN81

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पोड़ी विकास खंड मे स्थित विजय वेस्ट खोयला खदान मे बड़ा हादसा : NN81

27/04/2024 | April 27, 2024 Last Updated 2024-04-27T06:48:44Z
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 छत्तीसगढ़ पोड़ी उपरोड़ा

रिपोर्टर :- नानक राजपुत


स्लग :- पोड़ी विकास खंड मे स्थित विजय वेस्ट खोयला खदान मे बड़ा हादसा,  दर्जनों मजदूर घायल J.M.S ठेका कम्पनी के मजदूर सुरंग बनाकर कर रहे थे कार्य, सुरंग का छत गिरने से हुआ हादसा, प्रशासन मौन। 



एंकर :- पोड़ी विकास खंड के अन्तिम छोर मे संचालित विजय वेस्ट कोयला खदान मे सुरंग के अंदर छत गिरने से कुछ मजदूरों के घायल होने कि खबर सामने आ रहि है, घटना 24 अप्रेल बुधवार कि सुबह करीब 9.30 बजे कि है ज़ब मजदूर अंडर ग्राउंड कोयला काटने सुरंग के अंदर गए हुए थे, तभी सुरंग का छत धस गया जिससे अंदर मे कार्य कर रहे कुछ मजदूर घायल हो गए, जिसमे से एक मजदूर छत्रपाल सिंह ग्राम अमली बहरा का पैर टूट गया। जिसे उपचार के लिए बैकुंठपुर अस्पताल मे दाखिल कराया गया जिसका इलाज जारी है, मामले मे कोयला प्रबंधक कि लापरवाही साफ देखी जा सकती है, वही खदान प्रबंधक के द्वारा किसी प्रकार कि कोई जानकारी नही दी जा रहि। कम्पनी द्वारा घायल मजदूर को इलाज तो कराया जा रहा लेकिन उक्त घटना से मजदूर के साथ साथ उसके परिवार भी अपाहिज हो गए जिसका मुवावजा नहीं दिया जा रहा। 


विजय वेस्ट कोयला खदान से प्रकृतिक आपदा, जल संकट, किसानो कि भूमि पर दरारे व ना जाने कितने नुकसान हो रहे लेकिन स्थानीय प्रसाशन भी चुप्पी साधी बैठी है, ना ही कार्यवाही हो रहि और ना ही समस्याओं का समाधान किया जा रहा।



दरसल पोड़ी विकास खंड मे स्थित पसान तहसील के ग्राम बीजाडांड मे पिछले कई वर्षो से S. E. C. L  चिरमिरी क्षेत्र द्वारा कोयला उतखनन किया जा रहा है, जिसमे S. E. C. L के प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए J.M.S कम्पनी को ठेका पर दिया गया, उक्त ठेका कम्पनी के मजदूरों द्वारा मशीन से सुरंग बनाकर कोयला निकालने का कार्य किया जाता है, मशीन के केबल खींचने व अन्य कार्य के लिए J.M.S कम्पनी अपने अंडर मे काम कराने के लिए ठेका पर मजदूर रखता है, वही ठेका मजदूर अपनी जान जोखिम के डालकर काम करते हैं, लेकिन उक्त काम के लिए कंपनी व S. E. C. L  के द्वारा कोई सुरक्षा उपकरण मुहैया नहीं कराया जाता, नतीजा ये होता है कि मजदूर हादसे का शिकार हो जाते हैं, इतनी बडी घटना के बावजूद किसी को कानो कान कोई खबर नहीं, स्थानीय प्रशासन भी खदान प्रबंधक पर कार्यवाही करना तो दूर, समस्या का जायजा लेने भी नहीं जाते।