नगर में आयोजित मानस सम्मेलन के दूसरे दिवस में मानस मर्मज्ञ पंडित श्याम मनावत एवम साध्वी अन्नपूर्णा गिरीजी वर्षा नागर के प्रवचन हुए।
रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी
नगर में स्थानीय मानस भवन में श्री राम मानस संस्कृति एवं समाज कल्याण समिति आस्था के तत्वावधान में चल रहे सात दिवसीय मानस सम्मेलन के द्वितीय दिवस में साध्वी वर्षा नागर जी ने बड़े ही सुंदर रूप में केवट प्रसंग सुनाया इसे सुन भक्त भावविभोर हो गए। उन्होंने शिव पार्वती के विवाह प्रसंग को आज की परिथिति को ध्यान में रखकर बड़े ही सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया जब पार्वतीजी ने शिव को पाने के लिए तपस्या की तो भगवान शंकर प्रकट हुए और पार्वती जी से बोले चलो मैं इसी समय तुमसे विवाह करूंगा तुमने मुझे पाने के लिए तप किया है मैं अभी कैलाश पर्वत पर चलकर तुमसे विवाह करूंगा पर मां पार्वती बोली आपसे पहले भी मैं और दो जनों को चाहती हूं शंकर जी आश्चर्यचकित हो गए आप मेरे अलावा और किसे चाहती हो इस पर पार्वती जी बोली पहले मैं अपने माता-पिता को चाहती हूं उनकी स्वीकृति के बिना में विवाह नहीं कर सकती भोलेनाथ बोले मैं तुम्हारी परीक्षा ले रहा था । इस प्रसंग को उन्होंने आज के परिपेक्ष में जोड़ा भारत में कानून बनना चाहिए कि जब भी कोर्ट मैरिज की जाए माता-पिता की गवाही आवश्यक होना चाहिए ।
इसके पूर्व पूज्य पंडित श्याम मनावतजी ने सम्मेलन की शुरुआत में गरुड़ और काकभूषण प्रसंग का
वृतांत जनसमुदाय को सुनाया।
इस अवसर पर मानस सम्मेलन समिति के अध्यक्ष कन्हैया लाल शर्मा, प्रेम नारायण शर्मा, दिनेश सोनी, सत्यनारायण कमरिया, हरीनारायण शर्मा, भोलू सिंह ठाकुर, मनोज ताम्रकार, डॉक्टर दीपेश पाठक, पत्रकार राजीव गुप्ता, डॉ मीना सिंगी मातृ शक्ति,गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।