भ्रष्टाचार के लाइलाज रोग से अछूती नहीं ग्राम पंचायत उदयपुर : NN81

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भ्रष्टाचार के लाइलाज रोग से अछूती नहीं ग्राम पंचायत उदयपुर : NN81

25/04/2024 | April 25, 2024 Last Updated 2024-04-25T06:13:51Z
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 जिला ब्यूरोसंजीव शर्मा 

गंजबासौदा 

25 4 2024





हेडिंग*भ्रष्टाचार के लाइलाज रोग से अछूती नहीं ग्राम पंचायत उदयपुर



गंजबासौदा शहर से 18 किलोमीटर दूरजनपद पंचायत गंज बासौदा अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में सबसे बड़ी ग्राम पंचायत उदयपुर है, जिसको नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर की वजह से जाना जाता है। 

प्राय सुनने में आया हैं कि जितनी बड़ी ग्राम पंचायत उतने ही बड़े-बड़े भ्रष्टाचार किये जाते हैं,लेकिन कोई भ्रष्टाचार तब तक सामने नहीं आता जब तक कोई उसे उजागर करने के लिये सामने नहीं आता और  निष्पक्षता से जब तक जांच हो जाये।

क्योंकि प्राय देखने में आया है कि सरपंच के रूप में चुने जाने वाले जनप्रतिनिधि जनता की गाढ़ी कमाई को अपना समझ लेते हैं। और अपनी मन मर्जी से खर्च करते हैं,उन्हें ऐसा लगता है कि उनका अपना अधिकार है कोई नियम कानून नहीं है।

फिजूल खर्ची में ग्राम पंचायत उदयपुर का जवाब नहीं है,क्योंकि इस ग्राम पंचायत में हम महीने हजारों रुपये चाय नाश्ते पर खर्च कर दिये जाते हैं। 


इसे ग्राम पंचायत की दरिया दिली नहीं कहा जाये तो और क्या कहा जायेगा। एक सौ एक ग्राम पंचायतों में एक मात्र ग्राम पंचायत उदयपुर कस्बा है जहां पर दस रुपये की चाय मिलती है,ब्याज के पैसों को कुछ इस तरह से ग्राम पंचायतों के द्वारा खर्च कर के निकाल लिया जाता है।

जबकि यह पैसा जनता की गाढ़ी कमाई का होता है जिसे अपने निज स्वार्थ के बसी भूत हो कर सरपंच सचिव द्वारा खर्च कर दिया जाता है। ग्राम पंचायत भ्रष्टाचार के लाइलाज रोग से अछूती नहीं है, जिम्मेदार अधिकारी एक ग्राम पंचायत की जांच करा लें। जांचकर्ताओं के पैरों तले से जमीन खिसक जायेगी,जब ग्राम पंचायत में किया गया भ्रष्टाचार सामने आयेगा। 


ब्याज की राशि को  फिजूल खर्ची में दर्शा का अहारण कर लिया जाता है क्योंकि इस का कोई हिसाब किताब नहीं देना पड़ता, भ्रष्टाचार में लिप्त ग्राम पंचायतों के सरपंच सचिवों के द्वारा निर्माण कार्य में घटिया मटेरियल बिना लैब टेस्टिंग के उपयोग करना एवं पांचवे वित्त एवं पन्द्रह वे वित्त की को कार्यालय व्यय, साफ-सफाई,तथा स्टेशनरी,फोटो कापी आन-लाइन वर्क के नाम पर राशि निकाल कर भ्रष्टाचार करने से नहीं चूकते हैं।

और रहा भ्रष्टाचार का तो शायद ही ऐसी कोई ग्राम पंचायत हो जिस में भ्रष्टाचार नहीं किया गया हो।