मनोहर थाना के आसपास शास्त्र प्रमाणित पुस्तकें वितरण करी

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मनोहर थाना के आसपास शास्त्र प्रमाणित पुस्तकें वितरण करी

15/01/2024 | January 15, 2024 Last Updated 2024-01-15T15:14:53Z
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*पुस्तकों में बताया परमात्मा चारों युग में आते हैं और अपने तत्वज्ञान का संदेश देते हैं 




उजाला हितैषी एक्सप्रेस, मीना देवी हेमसिंह, झालावाड़ राजस्थान।


झालावाड़ जिले की मनोहर थाना तहसील के आस पास गांवों में पुस्तक वितरण करी

विश्व कल्याण के लिए जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज हर जिले में हर तहसील में हर गांव में शास्त्र प्रमाण ज्ञान प्राप्ति के लिए आध्यात्मिक पुस्तकें पहुंचा रहे हैं और तत्व ज्ञान प्राप्त करने के लिए अध्यात्मिक सत्संग भी रखवा रहे हैं ताकि समाज में फैल रही बुराइयां समाप्त हो सके देखा जाए तो युवा पीढ़ी में नशे की लत दिन प्रतिदिन बढ़ती नजर आ रही है इस नशे को समाप्त करने के लिए अध्यात्मिक सत्संग परमात्मा का तत्वज्ञान बताकर युवा पीढ़ी का नशा समाप्त किया जाएगा आज के युग में दहेज प्रथा, आन उपासना, चोरी, मर्डर, बलात्कार जैसी घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती नजर आ रही है लेकिन संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में आने के बाद विश्व में भाईचारा नजर आरहा है समाज से बुराइयां समाप्त होती नजर आरही है तत्वज्ञान के साथ-साथ श्रद्धालुओं को परमात्मा से मिलने वाले सभी प्रकार की सुख शांति और अध्यात्मिक ज्ञान भी मिल रहा है संत रामपाल जी महाराज के तत्व ज्ञान से पढ़ी-लिखी शिक्षक पीढ़ी के साथ और जाति सामान्य लोग भी परमात्मा के तत्व ज्ञान से परिचित हो रहे हैं ज्ञान से भारत फिर सोने की चिड़िया बनती नजर आ रही है संत रामपाल जी महाराज के तत्व ज्ञान से लग रहा है कि भारत के युवाओं में नई शक्ति का संचार हो रहा है तथा भारत फिर से विश्व गुरु बनने जा रहा है ।

भगत हेमदास ने बताया संत रामपाल जी महाराज जी की आध्यात्मिक पुस्तक जीने की राह, गीता तेरा ज्ञान अमृत, ज्ञान गंगा, कबीर परमेश्वर जैसी कई धार्मिक पुस्तक श्रद्धालुओं को घर-घर जाकर पहुंचाई ताकि इन पुस्तकों को पढ़कर परमात्मा से मिलने वाली हर प्रकार की जानकारी श्रद्धालुओं को मिल सके परमात्मा का तत्व ज्ञान का पता लग सके वह परमात्मा कौन है ? कहां रहता है ? कैसे मिलता है ? उसे पाने की विधि क्या है ? इन पुस्तकों के माध्यम से तत्व ज्ञान प्राप्त बहुत जल्दी होता है पुस्तक सेवा करते हुए भगत हेमदास के साथ भक्तमती मीना देवी, रामभरोसी बाई बदामबाई, भगत इंद्रजीत दास, लक्ष्मण दास, मांगीलाल दास सेवा करते हुए नजर आए।