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राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पंवार द्वारा मछुआ दिवस पर दिया संदेश : NN81

 राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पंवार द्वारा मछुआ दिवस पर दिया संदेश

राजगढ 08 जुलाई, 2024


प्रदेश के राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग श्री नारायण सिंह पंवार द्वारा 10 जुलाई को मनाए जाने मछुआ दिवस के अवसर पर संदेश दिया है। 

राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री पंवार ने बताया कि देश में पहली वार 10 जुलाई, 1957 को प्रोफेसर डॉ० हीरालाल चौधरी और उनके सहयोगी डॉ० अलीकुन्ही ने उडिसा राज्य में प्रमुख कार्प के सफल प्रेरित प्रजनन में कार्प पिट्यूटरी हॉमोन्‍स को निकालने में सफलता हासिल की तथा दोनो वैज्ञानिकों ने हाईपोफाईजेशन का प्रदर्शन किया जो भारतीय मेजरकार्प को प्रेरित करने की तकनीक है।

प्रोफेसर डॉ० हीरालाल चौधरी और उनके सहयोगी डॉ० अलीकुन्ही के इस महत्वपूर्ण योगदान की याद में हर वर्ष भारत में मत्स्य किसान दिवस का आयोजन किया जाता है। प्रदेश के मछुआरों और मछली किसान जो अपनी अजीविका के लिये मत्स्योद्योग पर निर्भर है को मछुआ दिवस के इस अवसर पर मछुआ समाज के भाईयों एवं वहनों को बधाई और शुभकांमनाऐ देते हुये उन्हे एक जुट रहने और अपने अधिकारों के लिये संघर्ष करने की अपील की। 

मत्स्य पालन में वृद्धि की अपार संभावनाएं है तथा इस क्षेत्र में विगत चार वर्षों में 16 प्रतिशत की वृद्धि परिलक्षित हुई है। सरकार द्वारा मछुआरों को राज्य के बाहर राष्ट्रीय संस्थानों में प्रशिक्षण के लिये भेजा जाता है तथा मछली बीज को स्थानीय स्तर पर तैयार कर उनकी मांग एवं सुविधा अनुसार समय पर उपलब्ध कराये जाने के प्रयास किये जा रहे है। मछुआ भाईयों के लिए वर्ष 2024-25 में विभाग द्वारा रोडमेप तैयार कर लिया गया है, हम कहां थे, कहां है, और कहां जाने का लक्ष्य है अपने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिये गये है। 

गतवर्ष 3.42 लाख मैट्रक टन मत्स्योत्पादन का लक्ष्य मछुआ भाईयों के सहयोग से हासिल किया गया है तथा आगामी वर्ष में 3.90 लाख मैट्रक टन लक्ष्य पूरा करने के लिये तथा मछली उत्पादन बढ़ाने का मछुआ भाईयों से आग्रह है। 

देश तथा प्रदेश में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने हेतु नीलीकांति द्वारा सरकार ने देश में आर्थिक क्रांती लाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदेश में लाखों लोग अपनी अजीविका के लिये मछली पालन ओर इससे संबंधित कार्यो पर निर्भर है। प्रदेश में मछली पकड़ने और मत्स्योत्पादन का प्रसंस्करण, विपणन और भण्डार करने की क्षमता विकसित करना, प्राकृतिक जलीय संसाधनों का स्थाई प्रबंधन और संरक्षण, मत्स्यपालन का बेहतर प्रबंधन और सर्वोत्तम उपयोग, सक्षम बनाने हेतु रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि करने लिये जल संसाधानों का उपयुक्त उपयोग नियंत्रित वातावरण में अधिक तथा बेहतर मछली उत्पादन करने के लिये सरकार संकल्पित है मछुआ भाईयों के प्रयासों से अब यह विभाग एक अति महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 

सरकार द्वारा मछुआरों एवं मत्स्यपालकों को किसान केडिट कार्ड के दायरे में लाने के लिये विशेष अभियान चलाया गया ताकि उन्हे सस्ता कर्जा उपलब्ध कराया जा सके तथा साहूकारों बिचोलियों के हाथों फसने से बचाया जा सकें। कहावत है कि आप किसी एक व्यक्ति को मछली देते है तो उसे आप एक दिन के लिये खिलाते है यदि आप किसी को मछली पकड़ना सिखाते है तो उसे आप जीवन भर खिलाते है। "मछली जल की रानी है हम सब की जीवन दायनी है" "तालाब में मछली बैंक में नगदी"।

जिस प्रकार वन के क्षेत्र में हरित कांति, दूग्ध उत्पादन के क्षेत्र में स्वेत कांति इसी प्रकार मत्स्य पालन के क्षेत्र में नीली कांति लाने का संकल्प विभाग द्वारा लिया गया है। मछुआरा दिवरा में आए सभी मछुआ सहकारी समिति के सदस्यों, निजी मत्स्यबीज उत्पादकों एवं मछुआरा हितग्राहियों को मछुआरा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके आर्थिक एवं सामाजिक समृद्धि की कामन की।

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