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छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा कोरबा द्वारा युक्तियुक्तकरण आनलाइन अवकाश एवं एलबी संवर्ग के शिक्षको की मूल मांगों को लेकर कोरबा कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन : NN81

 छत्तीसगढ़ कोरबा

नानक राजपुत

स्लग :- छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा कोरबा द्वारा युक्तियुक्तकरण आनलाइन अवकाश एवं एलबी संवर्ग के शिक्षको की मूल मांगों को लेकर कोरबा कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन



 छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा कोरबा द्वारा युक्तियुक्तकरण नियम, आनलाइन अवकाश नियम में संशोधन , एलबी संवर्ग के शिक्षको को पूर्व सेवा की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से सही वेतन का निर्धारण कर सहायक शिक्षको की वेतन विसंगति दूर कर/क्रमोन्नत वेतनमान का निर्धारण कर पुरानी पेंशन निर्धारित करे एवं कुल बीस वर्ष की सेवा में पुरानी पेंशन प्रदान किया ।


 मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में कलेक्टर अजीत वसंत  एवं जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा  टी.पी.उपाध्याय को मुख्यमंत्री स्कूल शिक्षा सचिव, डी पी आई के नाम ज्ञापन सौंपा साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी से प्राथमिक शाला प्रधानपाठक के पद पर पदोन्नति करने और पोर्टल में प्रथम नियुक्ति तिथि से अवकाश की एंट्री करने एवं परीक्षा अनुमति आदेश जारी करने की स्थानीय मांग को लेकर चर्चा करते हुए निराकरण की मांग की गई।


सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है-


1. प्राचार्य, व्याख्याता, शिक्षक, प्रधानपाठक (प्राथमिक/पूर्व माध्यमिक) के पदों पर पहले पदोन्नति किया जावे।


2. 2008 के सेटअप में मिडिल स्कूल में न्यूनतम छात्र संख्या पर एक प्रधान पाठक एवं चार शिक्षक पदस्थ करने का नियम बनाया गया था, और इसी के आधार पर भर्ती व पदोन्नति विभाग द्वारा की गई है,


एक पद घटाने से एक शिक्षक तो स्वमेव अतिशेष हो जाएंगे यह नियम व्यवहारिक नही है,तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उलंघन है, अतः 2 अगस्त 2024 के युक्तियुक्तकरण नियम में न्यूनतम विद्यार्थी संख्या पर भी एक प्रधान पाठक एवं चार शिक्षक का सेटअप स्वीकृत किया जावे।


3. 2008 के सेटअप में प्राथमिक शाला में न्यूनतम छात्र संख्या पर एक प्रधान पाठक व दो सहायक शिक्षक का पद स्वीकृत किया गया था, वर्तमान में एक पद कम कर दिया गया है यह व्यवहारिक नही है, तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उलंघन है, अतः 2 अगस्त 2024 के युक्तियुक्तकरण नियम में न्यूनतम विद्यार्थी संख्या पर एक प्रधान पाठक एवं दो सहायक शिक्षक का सेटअप स्वीकृत किया जावे।


4. प्रधान पाठक का पद समाप्त करने वाला इस युक्तियुक्तकरण नियम से सहायक शिक्षक व शिक्षक की पदोन्नति 50% तक कम होगी, इससे शिक्षकों के पदोन्नति के अवसर कम होंगे जो पूर्णतः अनुचित है।


5. प्रत्येक प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शाला का स्वतंत्र अस्तित्व हो जिसके नियंत्रण व शिक्षण व्यवस्था के लिए स्वतंत्र प्रधान पाठक जरूरी है, इससे सहायक शिक्षक व शिक्षकों को पदोन्नति भी मिलेगी।


6. बालवाड़ी संचालित स्कूलों में बालवाड़ी 1 व प्राथमिक 5 कुल 6 कक्षा के संचालन हेतु न्यूनतम संख्या में भी 1 अतिरिक्त सहायक शिक्षक दिया जावे।


7. 2 अगस्त 2024 को जारी युक्तियुक्तकरण नियम से शाला में पदों की संख्या कम किया गया है इससे नई भर्ती नही होने से प्रशिक्षित बेरोजगारों के साथ भी अन्याय होगा।


8. स्वामी आत्मानंद शालाओ में प्रतिनियुक्ति के शिक्षकों व शालाओ पर नियम की प्रभावशीलता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है।


9. युक्तियुक्तकारण से उच्चतर विद्यालय में काम का बोझ बढ़ जाएगा जिससे राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पालन सही तरीके से नही हो पायेगा। इस पूरी प्रकिया में समय / शासकीय सम्पत्तियो (रिक्त भवन जो खंडहर हो सकता है) एवं छात्रों के भविष्य पर कुठाराघात होगा।


10. एक ही परिसर में उच्चत्तर शाला में निचले शाला को मर्ज करना स्वतंत्र शाला के नियंत्रण व शिक्षण व्यवस्था पर विपरीत असर डालेगा।


11. प्राथमिक शाला व माध्यमिक शाला में न्यूनतम शिक्षक संख्या घटाया गया है इससे इन शालाओ के शिक्षण स्तर में गिरावट आएगा।


12. बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में संचालित पोटा कैबिन में विभागीय सेट-अप स्वीकृत किया जावे।


13. युक्तियुक्तकारण की संपूर्ण प्रक्रिया सार्वजनिक की जावे तथा दावा आपत्ति करने व उसके निराकरण का समुचित अवसर प्रदान किया जावे।


14. स्कूल शिक्षा विभाग भविष्य में भी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों में एकतरफा आदेश निर्देश जारी करने से पहले कर्मचारी संगठनों से चर्चा कर सर्वसम्मत व प्रभावी कदम उठाए।

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