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जर्जर स्कूल भवन ढहा, बाल-बाल बचे नौनिहाल - NN81




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हरदा जिले की तहसील सिराली के वन ग्राम सांवरी की खबर  

सांवरी (हरदा) ग्राम पंचायत सांवरी के शासकीय शाला भवन में बीती रात एक गंभीर घटना सामने आई, जब विद्यालय की जर्जर दीवार और छत का एक हिस्सा ढह गया। गनीमत यह रही कि घटना रात्रि के समय घटी, जब विद्यालय में कोई छात्र या शिक्षक मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर से स्कूल भवनों की दयनीय स्थिति और सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस घटना को लेकर जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन के जिला अध्यक्ष ने प्रेस नोट जारी करते हुए गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आदिवासी और ग्रामीण अंचलों में स्थित अधिकांश शासकीय विद्यालय भवन वर्षों पुराने और जर्जर हो चुके हैं। इनकी स्थिति ऐसी है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा घट सकता है।



आदिवासी क्षेत्र में स्कूलों की बदहाल स्थिति

जिला अध्यक्ष ने बताया कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शिक्षा के नाम पर बड़ी घोषणाएं जरूर की जाती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। कई विद्यालय ऐसे हैं जहाँ बच्चों को टूटी फूटी दीवारों और टपकती छतों के नीचे बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। बारिश के मौसम में तो यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है। सांवरी शाला की घटना इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है।


उन्होंने कहा कि यह केवल सांवरी की ही समस्या नहीं है, बल्कि प्रदेश के कई जिलों में आदिवासी क्षेत्रों की शालाएं इसी तरह खस्ताहाल में चल रही हैं। ऐसे में बच्चों और शिक्षकों की जान हमेशा जोखिम में बनी रहती है।


संगठन ने रखी प्रमुख मांगे

जयस जिला अध्यक्ष ने शासन और प्रशासन से निम्नलिखित मांगे रखी हैं:

स्कूल भवन की तत्काल मरम्मत की जाए: सांवरी की स्कूल भवन की दीवार और छत की स्थिति गंभीर है। अतः इसकी मरम्मत तत्काल प्राथमिकता पर की जाए ताकि भविष्य में कोई अनहोनी न हो।


नियमित जांच और रखरखाव हो: सभी शासकीय स्कूल भवनों की तकनीकी टीम द्वारा समय-समय पर जांच की जाए और आवश्यक सुधार कार्य समय पर सुनिश्चित किए जाएं।


जर्जर भवनों का पुनर्निर्माण किया जाए: जिन स्कूलों की स्थिति अत्यधिक जर्जर है, वहां नए और सुरक्षित भवनों का निर्माण किया जाए ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिल सके।


प्रशासन से कार्रवाई की मांग

संगठन ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे पर जल्द ही जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपेगा तथा सुनिश्चित करेगा कि स्कूल भवनों की सुरक्षा को लेकर त्वरित कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि संबंधित विभाग इस गंभीर विषय पर जल्द कार्रवाई नहीं करते हैं, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।


ग्राम पंचायत सांवरी की यह घटना पूरे शिक्षा तंत्र की लापरवाही और अनदेखी का संकेत देती है। यदि अब भी इस दिशा में कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में किसी बड़ी त्रासदी से इनकार नहीं किया जा सकता। अब समय आ गया है कि शासन-प्रशासन स्कूल भवनों की सुरक्षा को लेकर केवल कागजी कार्यवाही तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई करे।

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