संवाददाता कृष्णा कुमार
सूरजपुर छत्तीसगढ़/सूरजपुर जिले के भैयाथान क्षेत्र के ग्राम पंचायत बड़सरा के किसानो की 10 एकड़ से ज़्यादा जमीन दबंगई के चलते दूसरे व्यक्ति के नाम कर दिया गया है। अब किसान थक-हारकर प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं। बाजवूद उसे न्याय नहीं मिल पा रहा है। मामला भैयाथान क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़सरा के छांगुर साहू के द्वारा ग्राम के दर्जनों किसानों की भूमि अपने नाम कराने के आरोप को लेकर वहां के ग्रामीण ने सोमवार को लगने वाले अनुविभागीय स्तरीय जनदर्शन में आवेदन दिया है।तथा अपनी जमीन वापसी की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि उनके भूमि को गांव के ही छांगुर साहू के द्वारा कूटरचित दस्तावेजो व झूठे प्रमाण के आधार पर अपने नाम राजस्व रिकार्ड में दर्ज करा लिया है। जिसके पश्चात उनके द्वारा सीमांकन कराया गया।जबकि वर्षो से काबिज कास्त ग्रामीणों की भूमि रजिस्ट्री से प्राप्त हैं या तो पूर्वज से लेकिन अचानक राजस्व रिकॉर्ड में छांगुर साहू का नाम आने से वहां के ग्रामीण काफी परेशान है।इसको लेकर वहां के ग्रामीण दस्तावेजों का निष्पक्ष जांच तथा जो इस कारनामें में अधिकारी व कर्मचारी सम्मिलित है ऐसे लोगों पर कार्यवाही की मांग करते हुए वास्तविक खातेदार के नाम भूमि दर्ज कराने की मांग की है।
ग्रामीण पुन्नेलाल ने बताया कि मेरी भूमि बड़सरा में खसरा नम्बर 258 रकबा लगभग एक एकड़ 40 डिसमिल है जिसको मेरे पिता द्वारा 45 वर्ष पूर्व गांव के ही ददई राम से खरीदे थे।उक्त भूमि पर तब से काबिज कास्त हुँ। अचानक माह जून में हुए सीमांकन के दौरान मुझे पता चला कि खरीदी हुई भूमि में बटांकन के पश्चात छांगुर साहू का नाम दर्ज हो गया है।जबकि मेरे और परिवार के द्वारा अभी तक कोई भी भूमि विक्रय नही किया गया है।
वही दूसरी ओर शिवलाल साहू ने बताया कि मैं अपने पत्नी रैमत बाई के नाम लगभग 30 वर्ष पूर्व 36 डिसमिल जमीन छागुर साहू के पिता से खरीद कर राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया था।हाल ही में हुए सीमांकन से मुझे भी यह पता चला कि उक्त भूमि छांगुर साहू के नाम दर्ज हो गई है।जबकि उक्त भूमि अगर पूर्वत होता तो छांगुर साहू के अन्य भाइयों के नाम भी रिकार्ड में दर्ज होता।इससे तो यही स्पष्ट हो रहा है कि कुटरचित दस्तावेजों के सहारे मेरी पत्नी के नाम की भूमि को विलोपित कराकर अपने नाम करा लिया गया है।
आदिवासी के जमीन को भी कराया अपने नाम
रामलाल ने बताया कि स्टेट हाईवे से लगा लगभग 75 डिसमिल भूमि को छांगुर साहू ने अपने नाम करा लिया है।
इस दौरान सुनील साहू,रामु गोस्वामी,रामहित साहू,करमन सिंह,बाबूलाल चक्रधारी,राम साहू, शिवलाल साहू,सालिक राम साहू,राजेन्द्र सारथी,संख लाल चक्रधारी,रामबली यादव,प्रमिला यादव सहित काफी संख्या में अन्य लोग मौजूद रहे।