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ग्राम दुरती में ब्लॉक स्तरीय आयुष स्वास्थ्य मेला का किया गया आयोजन , 345 ग्रामीणों को मिला निःशुल्क उपचार - NN81



संवाददाता कृष्णा कुमार

सूरजपुर छत्तीसगढ़ सूरजपुर रजत जयंती के अवसर पर संचालनालय आयुष रायपुर के निर्देशानुसार एवं जिला आयुष अधिकारी सूरजपुर के दिशा निर्देश में शिविर प्रभारी डॉ संतोष सिंह एवं चिकित्सक दल द्वारा खंड स्तरीय  निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य मेला विकासखंड प्रतापपुर के ग्राम दुरती में मुख्य अतिथि प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते एवं  जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा के अध्यक्षता में भगवान धन्वंतरि  एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छाया चित्र के सामने दीप प्रज्वलन कर शुभारम्भ किया गया, इस दौरान स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि दुरती सरपंच एवं अन्य सेक्टर एवं ब्लॉक स्तर के जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।


शिविर प्रभारी डॉ सिंह ने स्वागत उद्बोधन के साथ आयुष विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों के बारे में बताते हुए कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धति हमारे देश की सबसे प्राचीन एवं कारगार चिकित्सा पद्धति है वर्तमान में केंद्र एवं छत्तीसगढ़ सरकार आयुष चिकित्सा पद्धति को सभी चिकित्सा संस्थानों में एक ही छत के नीचे आम नागरिकों के सुविधा एवं उनके रोगों के गंभीरता को देखते हुए सभी चिकित्सा विकल्प, आयुर्वेद, होमियोपैथी, योग, यूनानी, सिद्ध, सभी पद्धति के उपचार परामर्श एवं औषधियां प्रदाय की जा रही है,  60 वर्ष से ऊपर के वृद्ध जनों के लिए प्रत्येक सप्ताह गुरुवार को सियानजतन क्लिनिक/ वयोमित्र के तहत निशुल्क चिकित्सा परामर्श दिया जाता है, गर्भवती माताओं के लिए सुप्रजा कार्यक्रम, एनिमिया के रोकथाम हेतु कार्यक्रम, स्कूली छात्र छात्राओं हेतु पहली से बारहवीं तक के लिए आयुर्विद्या कार्यक्रम, गठिया रोगों के लिए, गैरसंचारी रोगों के लिए एन. सी. डी, क्लिनिक, लाइफस्टाइल क्लिनिक, घर पर बिस्तर में पड़े  जराजन्य रोगियों के देखभाल हेतु पाॉलेटिव केयर कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं।


विधायक शकुंतला  सिंह पोर्ते ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार एवं राज्य की विष्णु सरकार की ही देन है की आज आयुर्वेद और योग को देश एवं विदेश में घर घर प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने के संकल्प के साथ ही सभी अपने अपने जीवन शैली में बदलाव लाने एवं  छोटे रोगों सर्दी खासी से लेकर गैर संचारी रोगों बी पी, डायबिटीज, और कैंसर जैसे गभीर रोगों के उपचार आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से बिना किसी साइड इफ़ेक्ट से कराना संभव हो रहा है उन्होंने कोरोनाकाल की याद दिलाते हुए कहा कि प्रतिदिन रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए गिलोय, अदरक, तुलसी, काली मिर्च, के काढ़े सेवन कर अपनी परिवार और अपने लोगों को प्रेरित किया,उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य रहने के लिए हमें आयुर्वेद को शुरुआत से ही अपने खान पान में शामिल कर अपने जीवन शैली में बदलाव करने के साथ साथ  प्रतिदिन योग करना चाहिए। उन्होंने शिविर में आयोजित स्कूली बच्चों द्वारा औषधि पौधों के स्टॉल एवं पोस्टर के माध्यम से प्रदर्शिनी का अवलोकन कर आयोजन समिति की तारीफ करते हुए इसे अन्य बड़े जगहों पर करने हेतु निर्देश दिए।


जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा ने कहा कि आयुर्वेद हमारे देश की चिकित्सा पद्धति है इसे फिर से स्थापित करने के लिए हम सभी को जागरूक होकर अपने आस पास के वनों में औषधि पौधों को  बचाने की जरूरत है और सामान्य बीमारियों में इसके उपयोग हेतु बच्चों को शुरुआत से ही शिक्षित करने की जरूरत है।


आयुष मेला में वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत अतिथियों द्वारा ’एक पेड़ माँ के नाम’ औषधि पौधे, अर्जुन, अशोक, आदि पौधे  आयुष्मान आरोग्य मंदिर दुरती प्रांगण में रोपण किया गया।

दुरती हायर सेकेंडरी स्कूल के 11वीं ,12 वीं के स्कूली छात्र छात्राओं द्वारा स्वागत हेतु स्वागत नृत्य के साथ मनमोहक प्रस्तुति दी गई एवं छात्रों द्वारा आयुर्वेद के विभिन्न विषयों के तहत पोस्टर, औषधि पौधों की प्रदर्शनी करते हुए औषधियों की उपयोगिता के बारे में अतिथियों एवं ग्रामीणों को जानकारी दी गई, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों  प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान वालों को अतिथियों के हांथो से विभाग द्वारा प्रदाय किये गये प्रशस्ति पत्र एवं उपहार से पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया गयाद्य शिविर में रक्तजाँच,नेत्र जाँच, आयुष्मान कार्ड ,  रोगप्रतिरोधक आयुष काढ़ा का वितरण किया गया एवं आयुर्वेद एवं होमियोपैथी चिकित्सकों द्वारा लगभग 345 रोगियों एवं ग्रामीणों को आयुष  चिकित्सा परामर्श देते हुए निशुल्क औषधियों का वितरण किया गया  ।

शिविर को सफल बनाने में  ग्राम दुरती सरपंच श्रीमती पंचमड़ी सिंह, डॉ महंत लाल सोनवानी, डॉ राखी केशरवानी, डॉ नीलेश सिकरवार, डॉ स्वाति पटेल, प्राचार्य श्रीमती ज्योत्सना ,अमित सोनी,मोहित राम, एम डी राजा, आर. पी. गुप्ता, भूपेश सिदार, जयराम सिंह,  ए. एन. एम,पार्वती राजवाड़े,लीलावती राजवाड़े, शिक्षिका -वीना उपाध्याय,लालसा रानी, नैना माधुरी कुजूर, कृपाशंकर रवि, अनुज कुमार आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही, मंच संचालन संकुल समन्वयक शिव दुलार पाटले  द्वारा किया गया।

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