रिपोर्टर दरबार सिंह ठाकुर,,
तहसील,, देपालपुर
जिला,, इंदौर एमपी
पशु हाट बाजार बनेडिया रोड बना अवैध शराब का अवैध अड्डा
देपालपुर में एक तरफ तो आबकारी और पुलिस विभाग नशे से दूरी है जरूरी अभियान चल रही थी वही देपालपुर क्षेत्र में मंगलवारिया पशु हाट बाजार बनेडिया रोड देपालपुर के आसपास ठेकेदार ने अवैध शराब का बड़ा अड्डा बना दिया है जहां शराब पीने के लिए लाइन लगती है देशी से लेकर विदेशी शराब तक खुलेआम परोसी जा रही शराब जिम्मेदार अधिकारी और पुलिस आंखे मूंद कर बैठी हैं सुबह सात बजे से ही पीने वालों की लाइन की लग जाती है इतना ही नहीं बैठकर पीने की व्यवस्था भी अवैध शराब दुकान पर कर रखी हैसूत्रों से जानकारी में पता चला है कि देपालपुर में शराब का कारोबार मुकेश चौकसे और धर्मेंद्र चौकसे चलाते हैं इतना ही नहीं इन्होंने शराब दुकानों के पास आहते भी खोल रखे हैं आहते से हज़ारों रुपया प्रतिदिन शराब ठेकेदार को आता है लेकिन सरकार ने आहते बंद कर रखे हैं तो फिर आखिर किसके संरक्षण में आहते चलाए जा रहे हैं इससे साफ पता चलता है कि आबकारी विभाग का ठेकेदार को खुला संरक्षण प्राप्त है
धर्मेंद्र चौकसे का काम है गांव गांव में अवैध शराब के अड्डों पर शराब पहुंचने का सुबह 7:00बजे से बोलेरो गाड़ी से गांव में शराब भेजी जाती है इतना ही नहीं ठेकेदार एक पेटी दो पेटी दिनभर एक्टिवा से भी भेजता है क्या इस बात की भनक पुलिस को नहीं है या फिर यह काम भी पुलिस की मिली भगत से हो रहा है
देपालपुर नगर के बीचों बीच श्रीजी होटल में धड़ल्ले से शराब बेची जा रही हैं यह जगह देपालपुर नगर के मुख्य बस स्टैंड पर है जहां प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन लगा रहता हैं यहां भी ठेकेदार ने किराए से दुकान ले रखी है पता चला है ठेकदार ने अपना एक एजेंट श्रीजी होटल में बिठाया है अवैध शराब बेचने के लिएआबकारी विभाग और पुलिस बिल्कुल अनजान है जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने को तैयार नहीं है आबकारी विभाग क्षेत्र में अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं कर पाया पता होने के बावजूद भी अवैध शराबमाफिया को संरक्षण दिया जा रहा है अगर देपालपुर क्षेत्र में गोपनीय टीम छापामार कार्रवाई करे तो बड़ी तादाद में देशी और विदेशी शराब मिल जाएगी लेकिन आबकारी विभाग कुंभकरण की नींद सोया है कोई कार्रवाई करना ही नहीं चाहता ठेकेदार खुला चैलेंज दे रहे हैं। दुकान तो हम 1 साल तक चलाएंगे हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता इससे साफ प्रतीत होता है कि अवैध शराब माफियाओं के हौसले कितने बुलंद हैं न उन्हें शासन प्रशासन का डर है ना आबकारी अधिकारियों का अवैध शराब की शिकायतें सीएम हेल्पलाइन पर भी की गई है बार हो चुकी हे लेकिन मुख्यमंत्री की सीएम हेल्पलाइन भी फैल होती नजर आ रही हैं।