परीक्षा परिणाम से उत्पन्न तनाव प्रबंधन पर परिचर्चा संपन्न : NN81

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परीक्षा परिणाम से उत्पन्न तनाव प्रबंधन पर परिचर्चा संपन्न : NN81

03/05/2024 | May 03, 2024 Last Updated 2024-05-03T14:56:12Z
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 *ब्यूरो चीफ अनिल जोशी दुर्ग                    समाचार*


*परीक्षा परिणाम से उत्पन्न तनाव प्रबंधन पर परिचर्चा संपन्न*



          दुर्ग 03 मई 2024/कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा 03 मई 2024 को खालसा पब्लिक स्कूल दुर्ग के सभागार में दुर्ग जिले के समस्त प्राचार्यों (शासकीय/अशासकीय/मान्यता प्राप्त) हेतु परीक्षा परिणाम से उत्पन्न तनाव प्रबंधन पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। परिचर्चा को प्रारम्भ करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग  अरविंद मिश्रा ने कहा कि प्राचार्यों को बच्चों के पालकों से चर्चा करें ताकि बोर्ड परीक्षा परिणाम के पश्चात् जिले में विद्यार्थियों द्वारा कोई अप्रिय कदम न उठाया जाये साथ ही शैक्षणिक सत्र में लगातार बच्चों के काउंसलिंग के बारे में भी योजना बनाने का सुझाव दिया गया। उन्होने छात्र को समय के साथ-साथ धीरे-धीरे अपने तनाव को सम्भालने के लिए कुछ उपाय बताया जाना चाहिए जिसमें अपने अन्य प्रोजेक्ट्स या अन्य क्षेत्रों में ध्यान केंद्रित करना, स्वस्थ्य खानपान और नियमित व्यायाम शामिल है।


बच्चों को परिणाम को स्वीकारने के लिए स्वयं को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।  मुख्य वक्ता के रूप में सिविल हास्पिटल दुर्ग की डॉ. सीमा जैन शिशु रोग विशेषज्ञ ने मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए बच्चों में उत्त्पन्न तनाव के लक्षणों एवं उसे दूर करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होने अपने व्यक्तिगत अनुभवों को शामिल करते हुए बच्चों को सहयोग प्रदान करने के उपायों पर प्रकाश डाला। डॉ. जैन ने आवश्यकता पड़ने पर बच्चों को समर्थन दिए जाने की बात कहीं। दूसरे वक्ता  सूजो सेमुअल काउंसलर डी.पी.एस रिसाली ने बच्चों को परीक्षा परिणाम के तनाव से मुक्त रहने के दस टिप्स पर बहुमूल्य जानकारी प्रदान की जिसमें बच्चों के साथ आरामदायक और आंतरिक वातावरण बनाने के लिए आईस ब्रेकर गतिविधि पर जोर दिया ताकि बच्चों, पालकों एवं शिक्षकों में अंतर प्रवाह हो सके और वे एक दूसरे को जान सकें। 

         इस अवसर पर डॉ.ए.पी.जे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए एस.डी.एम. दुर्ग  मुकेश रावटे ने भी प्राचार्यों को सम्बोधित किया उन्होने निर्धारित विश्वासों को चुनौती देने तथा सफलता और असफलता पर एक और संवेदनशील दृष्टिकोण को अपनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों के आवश्यकता प्रतिपादित की साथ ही निर्वाचन के संबंध में आवश्यक सूचनाए प्राचार्यों को उनके द्वारा प्रेषित की गई। कार्यकम का संचालन करते हुए जिला मिशन समन्वयक  सुरेन्द्र पाण्डेय ने इस अवसर पर बताया कि विद्यालय और परीक्षाएँ अक्सर तनाव का कारण बन सकती है लेकिन हम इसे सहज और प्रभावित तरीके से प्रबंधित कर सकते है उन्होंने कहा कि कार्यशाला में विभिन्न तकनीकों और युक्तियों का अध्ययन कराया जायेंगा जो परीक्षा तनाव को कम करने में मदद कर सकती है। ए.पी.सी विवेक शर्मा ने कहा कि सबसे पहले परीक्षा परिणाम तनाव को समझने की आवश्यकता है,


परिणाम तनाव तब होता है जब हम अपने परीक्षा या परियोजना के बारे में चिंतित होते है या हमें तनाव, नींद की कमी और चिंता कि स्थिति में डाल सकता है या अक्सर अप्रत्याशित नतीजों, अधिक अपेक्षाएं या अधिकतम तनाव के कारण हो सकता है जिसे टाइम मैनेजमेंट, ब्रैक एंड रिलेक्शेसन, पोजिटिव सेल्फ टॉक, हैल्दी लाइफ स्टाइल, सिक्स सपोर्ट आदि के माध्यम से दूर किया जा सकता है। आभार प्रदर्शन जे. मनोहरण ए.डी.पी.ओ. ने किया। इस अवसर पर जिला दुर्ग के समस्त शासकीय/अशासकीय/अनुदान प्राप्त/हाईस्कूल / हायर सेकण्डरी विद्यालयों के प्राचार्य सहित सहायक संचालक गौरा शुक्ला, विकासखंड शिक्षा अधिकारी दुर्ग गोविन्द साव एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी पाटन प्रदीप महिलांगे, यू.आर.सी. श्रीमती किरण चंदवानी, डी.पी.एस. रिसाली के प्राचार्य  परशांत वशिष्ठ उपस्थित थे।