संवाददाता कृष्णा कुमार
सूरजपुर छत्तीसगढ़िया/ सूरजपुर जिले के दवना का हाई स्कूल ऐसा भी शिक्षा का मंदिर है जहां डर के साए के नीचे रोज बच्चों का भविष्य गढ़ा जाता है,,,,,यहाँ की स्थिति देख स्वतः ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्कूली बच्चों के साथ शिक्षक भी रोज किस कदर अपनी जान जोखिम में डालकर यहाँ बच्चों को पढ़ाते है ,,,,, इसके बाद भी आज तक विद्यालय की भवन का जीणोद्धार नही हो सका है,,,, स्थिति यह है कि भवन की छत जगह जगह से टूट कर फर्श पर बिखर रही है,,,,और बारिश के समय यहां पढ़ने वाले बच्चों को अपने कॉपी पुस्तकों को भीगने से बचाने के लिए छतरी का सहारा लेना पड़ता है,,,, स्कूल भवन की जर्जर हालत को देखकर परिजन भी बच्चों को स्कूल भेजने से कतराते है,,लेकिन बच्चे पढ़ाई का नुकसान होने के डर से रोजाना इस जर्जर भवन में जान हथेली में रख पढ़ने आते है,,, बहरहाल मीडिया हस्तक्षेप के बाद अब शिक्षा विभाग स्कूल को दूसरे भवन में शिफ्ट कराकर संचालित करने के साथ बारिश बाद स्कूल की मरम्मत कराने की बात करता नजर आ रहा है ।