लक्ष्मण रैकवार
तेंदूखेड़ा
तेंदूखेड़ा-----ग्राम झालोन से लगे हुए लगभग25 गाँव की जनता की मांग से सरकार ने 50 लाख रुपये की लागत से एक नया उप स्वस्थ्य भवन की सौगात दी क्योकि पुराना भवन जर्जर हो गया था इसलिये नए भवन की मांग उठी थी।भवन बनकर तैयार हुआ और इसका उद्घाटन भी राजनेताओ के द्वारा किया गया था।लेकिन स्वस्थ्य कर्मचारियों की लापरवाही से उप स्वस्थ्य केंद्र नियमित नही खुलता है।जिससे मरीजो को बहुत दिक्कत उठानी पड़ती है।स्थानीय लोगो ने बताया है कि नए भवन में स्वस्थ्य कर्मियों नही मिलते हैं अक्सर बन्द रहता है मजबूरन मरीजो को झोला छाप डॉक्टरों से इलाज कराना पड़ता है या फिर तेंदूखेड़ा या दमोह इलाज कराने जाना पड़ता है जबकि इस अस्पताल में पर्याप्त कर्मचारी है और नियमानुसार इसमें चौबीस घण्टे स्वस्थ्य सेवाएं मिलने के नियम है लेकिन कर्मचारी तो दिन में भी नदारत रहते हैं।
अस्प्ताल बना शराबियों एवं जुआरियो का अड्डा
चन्द्र प्रताप, महाराज सिंह, राम शंकर ने बताया है कि अस्पताल के ठीक सामने लगभग100मीटर की दूरी पर एक शराब दुकान खुली हुई है।जिसके कारण अक्सर लोग अस्प्ताल परिसर में आते हैं और शराब पीते हैं मोके पर पड़ी खाली शराब की बोतल प्लास्टिक के पानी पाउच पड़े हुए हैं।यह नजारा दिन हो या रात हो शाम हो या सुबह हो शराबियो का जम घट लगा रहता है।वही लोग जुआ भी खेलते हैं,स्थानीय लोगो ने बताया है कि अस्प्ताल के परिसर में ओर उसके आजु बाजू लाखो रुपये का जुआ खेला जाता है जिसकी कोई रोक टोक नही करता है जिस दिन अस्पताल खुल जाती है तो उस दिन कुछ हद तक जुआ एवं शराब खोरी नही होती है।
ग्रामीणों ने शराब दुकान हटाने का कलेक्टर को दिया था ज्ञापन--ग्रामीणों ने बताया हैं कि अस्पताल के सामने शराब दुकान खुलने से लगातार माहौल खराब रहता है जिससे अस्प्ताल में मरीज नही आ पाते हैं इसलिये स्थानीय लोगो ने पिछले वर्ष शराब दुकान को गाँव से बाहर शिफ्ट करने के लिये पिछले वर्ष कलेक्टर महोदय को एक ज्ञापन भी दिया था मगर अभी तक शराब दुकान नहीउठी है लोगो के द्वारा शराब दुकान को हटाने की मांग बार उठ रही है क्योंकि जब तक यह शराब दुकान रहेगी तब तक अस्प्ताल में महिला मरीजो को एवं महिला स्वस्थ्य कर्मियों को आने जाने में परेशानियां निर्मित होती रहेगी।
मंजू कुर्मी ए ऍन एम ने बताया कि वहा पर सिर्फ में अकेली पदस्थ हु मुझे सात आठ गावो में जाना पड़ता है में वहां सुरक्षित नही हु क्योकि में एक महिला हु शराबी अंदर आकर शराब पीते हैं शराब दुकान हटवा दो हम भी किसी की बहू बेटी है
खण्ड चिकित्सा अधिकारी अशोक बरोनिया को फोन लगाया तो उन्होंने फोन नही उठाया