नवाचारी माडल प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा : NN81

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नवाचारी माडल प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा : NN81

31/01/2024 | January 31, 2024 Last Updated 2024-01-31T14:00:19Z
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 *ब्यूरो चीफ अनिल जोशी दुर्ग (छ.ग.)*

*समाचार*


*नवाचारी माडल प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा*



*- विद्यार्थियों ने विज्ञान एवं नवाचारों से संबंधित विभिन्न माडलों का निर्माण कर अपनी प्रतिभा का किया प्रदर्शन*

 

*- दुर्ग जिले के 16 बच्चों एवं बेमेतरा जिले के 8 बच्चों को इंसपायर अवार्ड से किया गया सम्मानित* 


*- दुर्ग और बेमेतरा जिले सेे प्राप्त हुए 288 माडल, 24 माडलों का हुआ राज्य स्तरीय प्रदर्शनी एवं प्रादर्श प्रतियोगिता में चयन*


    दुर्ग, 31 जनवरी 2024/ इंसपायर अवार्ड मानक जिला स्तरीय प्रदर्शनी एवं प्रादर्श प्रतियोगिता का समापन कार्यक्रम जिला प्रशासन सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में आज खालसा स्कूल सभागार में किया गया। स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर  एम.के.वर्मा की अध्यक्षता में दो दिवसीय नवाचारी प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक  गजेन्द्र यादव एवं एनआईएफ के  सुदीप्तोे बैनर्जी उपस्थित थे। विधायक  गजेन्द्र यादव ने दीप प्रज्जवलित कर नवाचारी प्रदर्शनी का अवलोकन किया।  प्रदर्शनी में छात्रों द्वारा ऑटोमेटिक ब्लैक बोर्ड, स्ट्रा कलेक्शन मशीन, पैडी केयर मशीन, ऑटोमेटिक सिग्नल जैसे अनेक प्रकार के रोचक मॉडल की प्रदर्शनी लगाई गई है।  एम.के. वर्मा ने घूमकर छात्रों द्वारा डिज़ाइन किए गए विभिन्न मॉडलों को देखा और छात्रों द्वारा दिए गए विवरणों का मूल्यांकन किया। प्रदर्शनी में विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने भाग लिया। दुर्ग जिले के 16 बच्चों एवं बेमेतरा जिले के 8 बच्चों को इंसपायर अवार्ड से सम्मानित किया गया। जिला स्तरीय प्रदर्शनी और परियोजना प्रतियोगिता में दुर्ग और बेमेतरा जिले सेे 288 माडल प्राप्त हुए थे, जिसमें से 24 माडलों का का राज्य स्तरीय प्रदर्शनी एवं प्रादर्श प्रतियोगिता में चयन किया गया।


  

स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर  एम.के.वर्मा ने कहा कि आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। राज्य के बाल वैज्ञानिक अपनी-अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें बच्चों की प्रकृति के प्रति जुड़ाव देखा। आज जितने भी मॉडल बच्चों द्वारा बनाए गए हैं सभी आवश्यकता के अनुरूप बनाया गया है और यही भाव से वैज्ञानिक भी अविष्कार करते हैं। हमारे देश का अंतरिक्ष विज्ञान बहुत उन्नत है। बाल वैज्ञानिक ही कल के महान वैज्ञानिक बनेंगे। बच्चों में ऐसी बहुत सी प्रतिभा दिखी, जो उनके स्टार्टअप में सहायक होगी। उन्होंने कहा बच्चों में असीम संभावनाएं हैं जो कि अंदर है। इस अंदर की क्षमता को बाहर लाना है। आप में सारे गुण है जो एक महान व्यक्ति में होता है। उन्होंने कहा कि सुबह से शाम तक आपने जो भी कार्य किए उसका रात में सोने से पहले स्वयं का विशलेषण करें। जितने भी सफल लोग हुए हैं सबको प्रकृति ने बराबर अवसर दिया है। इसका क्या कारण कुछ लोग आगे बढ़ जाते हैं कुछ पीछे हो जाते हैं। सभी आगे बढ़ सकते हैं बस जरूरत है कि वह अपनी क्षमताओं का उपयोग करें।


          विधायक  गजेन्द्र यादव ने कहा कि सभी बच्चे प्रतिभावान होते है। चाहे वह किसी भी क्षेत्र में हो। इंसपायर अवार्ड से बच्चों ने अपनी जिज्ञासाओं को सामने लाया। उन्होंने कहा कि अपने अंदर इच्छा शक्ति होनी चाहिए। कुछ भी कठिन नही अगर हम मन में ठान ले। विज्ञान को सिखाने और इसके प्रति रूचि विकसित करने का अवसर प्रदान करता है। यह प्रदर्शनी विज्ञान और प्रौद्योगिकी के सिद्धांतों, सूत्रों, प्रणालियों इत्यादि को सरल एवं व्यवहारिक तरीके से समझ पाने में योगदान प्रदान करता है। इस कार्यक्रम के आयोजन का मुख्य उद्देश्य विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे अनुसंधानों का आदान प्रदान करना है, जिससे प्रतिभागी अपने प्रतिभा का प्रदर्शन विज्ञान के क्षेत्र में कर सके। प्रदर्शनी एक ऐसा मंच है जहां छात्र यह प्रदर्शित कर सकते हैं कि उन्होंने अपने प्रोजेक्ट/मॉडल के माध्यम से विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों को कितना समझा है। यह छात्रों के बीच टीम वर्क और सहयोग की क्षमता बनाने में भी मदद करता है।


     जिला शिक्षा अधिकारी  अभय जायसवाल ने बताया कि नीति आयोग की यह योजना जिसमें 6वीं से 10वीं तक छात्र-छात्राएं नवाचारी विचार अपलोड करते हैं। प्रत्येक विद्यालय के लिए अधिकतम 5 आइडिया अपलोड करने होते है। इनमें से 10 प्रतिशत आइडिया चयन किए जाते हैं जिनका जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती है। इसमें से 10 प्रतिशत प्रादर्श का चयन राज्य एवं 10 प्रतिशत प्रादर्श राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर 60 प्रादर्शो का चयन किया जाता है। जिला स्तर के लिए चयनित छात्र-छात्राओं को प्रादर्श बनाने के लिए दस हजार रूपए अवार्ड स्वरूप सीधे उनके खाते में प्राप्त होते हैं। राशि विज्ञान एवं प्रौद्योगिक विभाग नई दिल्ली से दिए जाते हैं। जब से प्रतियोगिता आरंभ हुआ है दुर्ग जिला पंजीयन एवं चयन में राज्य अव्वल रहा है। जिले के तीन शासकीय एवं दो अशासकीय विद्यालयों से 5 छात्र-छात्राओं को साकुस कार्यक्रम के तहत जापान जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। शासकीय बहु उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुर्ग के छात्र भरत साहू को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति के साथ तीन दिन रहने एवं प्रदर्शनी में भाग लेने का मौका मिला। वर्तमान में जिले के 243 एवं बेमेतरा जिले के 131 प्रादर्श के साथ छात्र छात्राएं सम्मिलित हो रहे हैं। इसमें से लगभग 38-40 प्रादर्शो का चयन राज्य स्तर के लिए किए जाएंगे।