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गडचिरोली जिले के स्थानीय ठेकेदारों को ही जिले के शासकीय सड़कों और अन्य निर्माण कार्यों के ठेके मिलना चाहिए - दक्षिण गडचिरोली दंडकारण्य कॉन्ट्रैक्टर संघटना!...NN81

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संवाददाता - हस्ते भगत (गडचिरोली)

गडचिरोली जिले में बड़ी संख्या में ठेकेदारों ने कड़ी मेहनत से बैंकों से करोड़ों रुपये का कर्ज लेकर जिले के विभिन्न स्थानों पर डामर प्लांट स्थापित किए हैं और एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर अनेक वाहन व बड़ी-बड़ी नई मशीनरी खरीदी है। इस माध्यम से वर्षों से जिले के दूरदराज़ के ग्रामीण व गरीब, शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार दिया जा रहा है। इन कंस्ट्रक्शन कंपनियों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराया गया है और जिले में उच्च गुणवत्ता
वाली सड़कें और अन्य निर्माण कार्य निरंतर चल रहे हैं।



लेकिन हाल ही में गडचिरोली जिले में एक नई कंपनी, जिसे कोई अनुभव नहीं है, उसने जिले के स्थानीय ठेकेदारों के हाथ से काम छीनकर खुद काम शुरू करने की कोशिश की है। इस कंपनी ने एक पूर्व अधीक्षण अभियंता और सार्वजनिक निर्माण विभाग के कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर नियमों को ताक पर रखते हुए स्थानीय ठेकेदारों का काम हड़पने का सुनियोजित प्रयास शुरू किया है।


इस कंपनी द्वारा जिले में घटिया व फर्जी काम करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे दक्षिण गडचिरोली दंडकारण्य कॉन्ट्रैक्टर संघटना बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने साफ कहा कि जिले में किसी भी बाहरी कंपनी का फर्जी निर्माण कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा।


संघटना ने यह भी चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ी तो सभी ठेकेदार संगठन के कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर आंदोलन, उपोषण (अनशन) और चक्का जाम जैसे कदम उठाने के लिए तैयार हैं।


दक्षिण गडचिरोली दंडकारण्य कॉन्ट्रैक्टर संघटना द्वारा आयोजित पत्रकार परिषद में यह भी बताया गया कि इस फर्जी कंपनी के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री और जिले के पालकमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की छवि को धूमिल करने का षड्यंत्र सार्वजनिक बांधकाम विभाग द्वारा रचा गया है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा।


संघटना के मार्गदर्शक डॉ. प्रणय खुणे ने कहा कि निर्माण विभाग की तानाशाही और अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह संपूर्ण व्यथा राज्य शासन के समक्ष रखी जाएगी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सामने भी इस विषय को प्रस्तुत किया जाएगा।


साथ ही निर्माण विभाग द्वारा पूर्व नियोजित रूप से जारी किए गए कुल पांच टेंडरों को रद्द करने की मांग भी की गई है।


इस मौके पर संगठन के अध्यक्ष साईनाथ बोंम्मावार, सचिव अरुण मुक्कावार, मार्गदर्शक डॉ. प्रणय खुणे, अरविंद कात्रटवार, नानाभाऊ नाकाडे, सलाहकार नितीन वायलालवार, सह-अध्यक्ष धनंजय पडिशाला, सह-सचिव राकेश गुब्बावार, प्रवक्ता अश्विन मेड्डीवार, सह-सचिव गौतम अधिकारी, राजू मेहता, अजय तुम्मावार, सुकलाल सरकार, मंगेश देशमुख, मनोज पवार, रमेश गंपावर, अजय गोरे व अन्य कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे.



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