रिपोर्टर,, दरबार सिंह ठाकुर
तहसील,, देपालपुर जिला इंदौर एमपी
गंगाजलखेडी से महाकालेश्वर उज्जैन के लिए निकाली गई। कावड़ यात्रा में नव युवकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया
इस यात्रा में गांव के नवयुवकों ने पैदल दौड़कर लगभग 3 घंटे 10 मिनट में 55 किलोमीटर की दूरी तय कर भगवान महाकालेश्वर को जल चढ़ाया।
यह आयोजन न केवल भक्ति और आध्यात्म का प्रतीक है, बल्कि युवाओं के लिए नशे से दूर रहने और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का संदेश भी देता है।
कावड़ यात्रा के महत्व
कावड़ यात्रा भगवान शिव की भक्ति का प्रतीक है, जिसमें श्रद्धालु गंगा जल लेकर महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन जाते हैं।
शारीरिक स्वास्थ्य
इस तरह की यात्राएं शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और युवाओं को नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहने के लिए प्रेरित करती हैं।